वाशिंगटन : विश्व बैंक ने कोरोना वायरस महामारी के मद्देनजर भारत के लिए एक बिलियन डॉलर (लगभग 7500 करोड़ रुपए) के सामाजिक सुरक्षा पैकेज की घोषणा की है। बैंक ने शुक्रवार को शहरी गरीब और प्रवासी श्रमिकों के लिए प्रौद्योगिकी से संबंधित योजनाओं में सरकार की सहायता के लिए सामाजिक सुरक्षा निधि के रूप में इस राशि को मंजूरी दी।


बैंक ने कहा कि इससे भारत अपनी सभी 400-प्लस सामाजिक सुरक्षा योजनाओं को प्रौद्योगिकी के स्तर पर एकीकृत करने में सक्षम होगा। विश्व बैंक के कंट्री डायरेक्टर जुनैद अहमद ने कहा, ‘यह परियोजना शहरी गरीबों के प्रति सामाजिक सुरक्षा को संतुलित करने के लिए महत्वपूर्ण होगी।’ उन्होंने कहा, “मुझे लगता है कि पीएम का आत्मानिर्भर मिशन’ दिशाओं के लिहाज से बहुत महत्वपूर्ण है और भारत कोविड -19 के बाद के जीवन और आजीविका के बीच अंतर नहीं कर रहा है।

इससे पहले न्यू डेवलपमेंट बैंक ने भारत को एक अरब डॉलर की आपातकालीन सहायता राशि देने का ऐलान किया था। उसका कहना था कि यह लोन इसलिए दे रहे हैं ताकि भारत को कोविड​​-19 के प्रसार को रोकने में मदद मिले और कोरोना वायरस महामारी से होने वाले मानवीय, सामाजिक और आर्थिक नुकसान को कम किया जा सके।


इसके अलावा एशियाई विकास बैंक (ADB) ने कोरोना से मदद के लिए भारत को 1.5 अरब डॉलर का पैकेज की घोषणा देने का ऐलान किया था। इसका उद्देश्य भारत सरकार को COVID -19 के प्रसार को रोकने की लड़ाई में शामिल करना और कोरोनो वायरस के कारण होने वाले मानवीय, सामाजिक और आर्थिक नुकसान को कम करना है।

स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय के मुताबिक, देश में पीड़ितों की कुल संख्या 81970 हो गई है और अबतक 2649 लोगों की मौत हुई है। फिलहाल 51401 एक्टिव केस हैं और 27920 लोग ठीक हो चुके हैं।