, 14 जुलाई (वार्ता) ने उत्तर प्रदेश े दुर्दांत अपराधी विकास दुबे एवं उसके गुर्गों की की विशेष जांच संबंधी याचिका पर राज्य से मंगलवार को जवाब तलब किया।

मुख्य न्यायाधीश शरद अरविंद बोबडे, न्यायमूर्ति आर सुभाष रेड्डी और न्यायमूर्ति ए एस बोपन्ना की खंडपीठ ने राज्य सरकार की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल और याचिकाकर्ता वकीलों- घनश्याम उपाध्याय और अनूप अवस्थी- की दलीलें सुनने के बाद मुठभेड़ की तर्ज पर तथ्यान्वेषी समिति गठित करने के संकेत दिये।

न्यायालय ने राज्य सरकार गुरुवार तक अपना पक्ष रखने का निर्देश दिया। न्यायालय ने मामले की सुनवाई के लिए सोमवार (20 जुलाई) की तारीख मुकर्रर की।

इससे पहले श्री मेहता ने कहा कि उन्हें इस मामले में राज्य सरकार का दृष्टिकोण रखने की अनुमति प्रदान की जाये। उन्होंने कहा कि वह राज्य सरकार का पक्ष रखने के लिए हलफनामा दायर करना चाहते हैं, इसके बाद न्यायालय ने इसके लिए गुरुवार तक का समय दिया।

सुनवाई के दौरान न्यायमूर्ति बोबडे ने कहा कि वह इस मामले में भी वैसा ही रुख अख्तियार करेंगे जैसे हैदराबाद मुठभेड़ कांड में अपनाया था। उन्होंने हैदराबाद की तर्ज पर ही इस मामले में भी तथ्यान्वेषी समिति गठित करने के संकेत दिये।