नई दिल्ली, 29 मई (वार्ता) (विहिप) ने देश के मुस्लिम बहुल क्षेत्रों में की घटनाओं पर गहरा रोष व्यक्त किया है और सरकार से मांग की है कि ऐसे अपराधी तत्वों अल्पसंख्यकों में सांप्रदायिक विद्वेष फ़ैलाने के षड़यंत्र करने वालों पर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाये।

विहिप के अंतरराष्ट्रीय कार्याध्यक्ष डॉ. आलोक कुमार ने यहां कहा कि भारत संविधान और कानून से चलता है। यहां के समाज जीवन में हिंसा का कोई स्थान नहीं होना चाहिए। हर प्रकार की हिंसा, चाहे वह कोई भी करे और वह किसी के भी खिलाफ हो, निंदनीय और अक्षम्य है। हाल के दिनों में देश के अनेक भागो में कतिपय मुसलमानों के द्वारा हिन्दुओं की मोब लिंचिंग ( हिन्दुओं के विरुद्ध हिंसा ) और अन्य प्रकार की हिंसा की अनेक घटनाएं सामने आई हैं जिससे स्पष्ट होता है कि मुस्लिम समाज, विशेषतौर पर मुस्लिम बहुल क्षेत्रों में असहिष्णु होता जा रहा हैं। हिन्दुओं के खिलाफ लिंचिंग द्वारा हत्या, बालात्कार, लूट-पाट, धर्म-स्थानों का अपमान जैसी असंख्य घटनाएँ हो रही है।

डॉ. कुमार ने असम, बिहार, पश्चिम बंगाल, उत्तर प्रदेश, पंजाब, झारखंड, कर्नाटक, हरियाणा एवं दिल्ली की कुछ घटनाओं का उदाहरण देते हुए कहा कि ये उदाहरण स्पष्ट करते हैं कि बहुसंख्य हिन्दू समाज हिंसा और मॉब लिंचिंग का बड़ा शिकार अन्य समुदायों से ज्यादा होता है। पर ये घटनाएँ बड़े अख़बारों और दृश्य मीडिया में नही आतीं। इनपर बहस नही होती। हिन्दुओं पर हुए अत्याचार समाचार का विषय ही नही बनते। तथाकथित धर्मनिरपेक्षतावादियों का गिरोह आतंकवादी, जिहादी या अन्य किसी अल्पसंख्यक के आहत होने पर जैसा बोलता है, वैसा आक्रोश हिन्दुओं पर वैसा ही कष्ट आने पर नहीं होता।

उन्होंंने कहा कि यह दुर्भाग्य की बात है कि भारत में कुछ गिरोह है जिनमे वकील है, सिविल सोसाइटी कहलाने वाली संस्थाएं है, मानवाधिकारों के नाम पर चल रहे टोले हैं जो सब किसी आतंकवादी के मारे जाने पर या जहाँ दुर्भाग्य से मरने वाला यदि किसी अल्पसंख्यक समुदाय से हो तो आसमान सिर पे उठा लेते हैं। मीडिया, सड़क और अंतर्राष्ट्रीय संस्थाओं में भारत को बदनाम करने के लिए तुल जाते है। और वहीं, जब अन्याय से पीड़ित व्यक्ति अगर हिन्दू हो तो इनको वह दीखता भी नहीं है।

डॉ. कुमार ने कहा कि इस षड़यंत्र का पर्दाफाश होना चाहिए, इसलिए कुछ मामलों का वर्णन किया है, जहाँ पीड़ित हिन्दू है, उसके खिलाफ का अपराध जघन्य है और जो इन गिरोहों को दिखाई नही दिया, इनमे से किसी ने भी मोमबत्ती नहीं जलाई, सहानुभूति का एक शब्द नहीं कहा और न ही अपराध की निंदा की। मुस्लिम नेतृत्व ने भी इनमे से किसी घटना की कभी निंदा नहीं की। इस दोगले व्यवहार को समझना चाहिए।

, मुस्लिम बहुल क्षेत्रों में हिन्दुओं के विरुद्ध हिंसा पर भड़की विहिप
मुस्लिम बहुल क्षेत्रों में हिन्दुओं के विरुद्ध हिंसा पर

विहिप कार्याध्यक्ष ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों से देश में अल्पसंख्यकों को गुमराह करने का सोचा समझा षड़यंत्र चल रहा है। जैसे नागरिकता संशोधन कानून के बारे में यह झूठ फैलाया गया कि इसके लागु होने पर मुसलमानों से तीन पीढ़ियों के जमीन के कागज मांगे जायेंगे और न होने पर डिटेंशन कैंप में भेज दिया जायेगा। उच्चतम न्यायालय द्वारा रामजन्मभूमि के निर्णय के बाद भी मुसलमानों में दुष्प्रचार किया गया। झूठ का यह अभियान कुछ क्षेत्रों में चिंता एवं तनाव उत्पन्न करता है।

उन्होंने कहा कि इसी वातावरण में से हिंसा की यह घटनाएँ जन्म लेती हैं। देश में अलगाव और तनाव का यह वातावरण बनाने वालो की पहचान होनी चाहिए। वह सब लोग इसके लिए जिम्मेवार है जो देशहित के मुद्दों पर भारत के विरुद्ध बोलते हैं और बहुसंख्य हिन्दू समाज के प्रति विद्वेष का निर्माण करते है।

डॉ कुमार ने कहा कि विश्व हिन्दू परिषद समाज का आह्वान करती है कि इस तरह की सब घटनाओं के खिलाफ खड़े होकर एक समरस समाज के निर्माण के लिए काम करें। हम भारत सरकार और राज्यों की सरकारों से यह आह्वान करते है कि वह देश विरोधी इन तत्वों का पता लगायें, उनके लिए मुक़दमे और सजा की व्यवस्था करें और यह व्यवस्था करें कि देश में और विशेषतौर पर अल्पसंख्यकों में सांप्रदायिक विद्वेष फैलाने के षड़यंत्र बंद हों।