, 10 मई में के नेबुआ नौरंगिया क्षेत्र में कुदौना स्थित देवी मंदिर के पुजारिन का शव मिलने से सनसनी फैल गयी।


पुलिस सूत्रों ने रविवार को यहां बताया कि नेबुआ नौरंगिया क्षेत्र के कुदौना स्थित प्राचीन देवी मंदिर के पुजारी परमा दास के निधन के बाद उनकी पत्नी रामपति देवी साध्वी के रूप में दशकों पूर्व से निर्जन स्थान में रहकर पूजा पाठ करती थी। पिछले कई दिनों से मंदिर पर बुजुर्ग साध्वी दिखाई नहीं दे रही थी। अकबरपुर गांव के सरेह में एक स्थान पर काफी संख्या में कौआ मंडराता देख शनिवार शाम काे खेतों में काम करने वाले लोग मौके पर पहुंचे, वहां बुजुर्ग पुजारिन का शव पड़ा मिला। मृतका का एक आंख न होने और पैर में चोट का निशान को देखकर लोग हत्या की आशंका जता रहे हैं।


बुजुर्ग साध्वी का शव मिलने की सूचना पर मंदिर परिसर में लोग जुटना शुरू हो गए। हत्या के कारणों का स्पष्ट न होने से लोगों में आक्रोश है। इससे संत समाज में असंतोष का माहौल है। हिन्दूवादी कार्रकर्ता जंग बहादुर दास, पिजवा स्थान के पुजारी इंद्रदेव दास, बेचू दास, रामरतन दास लोगों ने घटना की निंदा करते हुए दोषियों की पहचान कर सख्त कार्रवाई की मांग की है।
शव पोस्टमार्टम के लिये भेज दिया है। पुलिस मामले की छानबीन की रही है।