लखनऊ, 30 अप्रैल के ने कहा है कि अन्य राज्यों में फंसे कामगारों एवं श्रमिकों वापस लाने की व्यवस्था कर रही है और कोई भी व्यक्ति पैदल यात्रा न/न करे।

मुख्यमंत्री गुरुवार को यहां लोक भवन में आहूत एक उच्चस्तरीय बैठक में लाॅकडाउन व्यवस्था की समीक्षा कर रहे थे। उन्हाेंने कहा कि कोरोना के चलते जारी लॉकडाउन के कारण अन्य राज्यों में फंसे कामगारों एवं श्रमिकों को लाने की व्यवस्था कर रही है और वह सम्बन्धित राज्य सरकारों के संपर्क में है। उन्होंने सभी प्रवासी श्रमिकों के नाम, पते, टेलीफोन नम्बर तथा स्वास्थ्य परीक्षण की स्थिति सहित सम्पूर्ण विवरण उपलब्ध कराने का अनुरोध किया है, ताकि उनकी सुरक्षित वापसी की कार्य योजना को आगे बढ़ाया जा सके।

प्रवासी श्रमिको, सरकार प्रवासी श्रमिको को लाने की व्यवस्था कर रही है, कोई भी पैदल यात्रा न करे: योगी

उन्होंने कहा कि अब तक दिल्ली से लगभग चार लाख प्रवासी श्रमिक एवं कामगार, हरियाणा से 12 हजार श्रमिक, कोटा राजस्थान से साढे़ ग्यारह हजार छात्रों की प्रदेश में सुरक्षित वापसी हो चुकी है। इसी प्रकार प्रयागराज में अध्ययनरत 15 हजार से अधिक प्रतियोगी छात्रों को प्रदेश के विभिन्न जिलों में सुरक्षित उनके घर भेजा गया है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिये कि इसी प्रकार अन्य राज्यों से प्रदेश के प्रवासी कामगारों/श्रमिकों को वापस लाने के लिए प्रभावी व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि प्रदेश वापसी से पूर्व, प्रवासी श्रमिकों का अनिवार्य रूप से स्वास्थ्य परीक्षण भी किया जाए।

प्रवासी श्रमिको

श्री योगी ने निर्देश दिये कि प्रदेश के बाॅर्डर को पूरी तरह सील किया जाए। सीमावर्ती क्षेत्रों में सतर्कता बरती जाए। यह सुनिश्चित किया जाए कि नेपाल राष्ट्र सहित अन्य राज्यों से बगैर अनुमति कोई प्रदेश में आने न/न पाये। उन्होंने कहा कि 10 लाख लोगों के लिए तत्काल क्वारंटीन सेन्टर/शेल्टर होम तथा कम्युनिटी किचन तैयार किये जाएं, जहां आने वाले प्रवासी मजदूरों को तात्कालिक रूप से रखा जा सके। क्वारंटीन सेन्टर/शेल्टर होम स्थापना के लिए बड़े काॅलेजों का उपयोग किया जाए। इनमें कम्युनिटी किचन, शौचालय व सुरक्षा सहित सभी जरूरी सुविधाएं अवश्य उपलब्ध रहनी चाहिए।

प्रवासी श्रमिको, सरकार प्रवासी श्रमिको को लाने की व्यवस्था कर रही है, कोई भी पैदल यात्रा न करे: योगी
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