लखनऊ, 27 मई प्रवासी मजदूरों को बस से उतर प्रदेश भेजने के सवाल पर बैकफुट पर आई कांग्रेस, के बाहर से आ रहे मजदूरों के कोरोना पाजिटिव होने के बयान पर एक बार फिर से आक्रामक हो गई है।

योगी के प्रवासी मजदूरों के होने के बयान पर कांगेस फिर हुई आक्रामक

दरअसल मुख्यमंत्री ने एक खबरिया चैनल को दिये इंटरव्यू में कह दिया था राज्य में जो मजदूर कोरोना पॉजिटिव होने मिले है उसमें मुम्बई से आने वाले 75 प्रतिशत मजदूर है। बस कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा को इस बयान से मौका मिल गया और उन्होंने राज्य में मिल रहे कोरोना मरीजों की संख्या पर सवाल उठा दिया।

कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने कहा कि यदि मुख्यमंत्री का कहना सही है तो मरीजों की सही संख्या कितनी है। आखिर मुख्यमंत्री ने इसकी गणना कैसे की। योगी आदित्यनाथ के बयान के अनुसार मरीजों की संख्या तो दस लाख के आसपास होनी चाहिए। राज्य सरकार को कुल जांच, संक्रमण का डाटा और अन्य तैयारियां के बारे में राज्य की जनता को बताना चाहिए।

योगी के प्रवासी मजदूरों के कोरोना पॉजिटिव होने के बयान पर कांगेस फिर हुई आक्रामक
योगी के प्रवासी मजदूरों के कोरोना पॉजिटिव होने के बयान पर कांगेस फिर हुई आक्रामक

प्रियंका गांधी ने उत्तर प्रदेश के अध्यक्ष अजय कुमार की गिरफ्तारी पर भी सवाल उठाए और कहा कि जब तक प्रदेश अध्यक्ष को न्याय नहीं मिलेगा तबतक कांग्रेस के लोग आवाज उठाते रहेंगे। आधारहीन आरोप के आधार पर उन्हें जेल मे बंद रखा गया है।

योगी के प्रवासी मजदूरों के कोरोना पॉजिटिव होने के बयान पर कांगेस फिर हुई आक्रामक

मुख्यमंत्री ने बयान पर समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव भी नहीं चूके। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के राजनीतिक गणित के अनुसार मुम्बई महाराष्ट्र से आये 75 प्रतिशत और दिल्ली से आये 25 प्रतिशत लोग कोरोना से ग्रस्त हैं तो राज्य मे मरीजों का आंकड़ा कुछ हजार ही कैसे है। कुछ तो है जिस पर परदा डाला जा रहा है। अखिलेश यादव ने राज्य सरकार के प्रवासी मजदूर रोजगार आयोग के गठन पर भी सवाल उठाये और कहा कि राज्य में रोजगार है कहां । फिर राज्य मे नियोजन कार्यालय पहले से है और इसकी कोई जरुरत ही नहीं थी।