संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने न्यूयार्क में संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय में कोरोना संक्रमण के कारण दुनिया पर पड़ने वाले सामाजिक एवं आर्थिक प्रभावों से संबंधित एक रिपोर्ट को जारी करते हुए यह बात कही। उन्होंने कहा, “कोरोना वायरस महामारी का विभिन्न सामाजिक वर्गों पर गंभीर असर हो रहा है जिसके कारण लोग मर रहे हैं और उनकी जीविका समाप्त हो रही है। संयुक्त राष्ट्र के गठन के बाद कोरोना वायरस अब तक की सबसे बड़ी चुनौती है जिसका हम सभी सामना कर रहे हैं।”
दूसरे विश्वयुद्ध के बाद सबसे बड़ा कोरोना संकट: यूएन प्रमुख 1
संयुक्त राष्ट्र महासचिव ने सभी देशों से मिलकर स्वास्थ्य क्षेत्र में समन्वय के साथ काम कर इस महामारी के संक्रमण को फैलने से रोकने और इसे समाप्त करने की भी अपील की है। गुटेरेस ने औद्योगिक रूप से विकसित देशों से विकासशील देशों की मदद करने का आग्रह किया है।संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट के मुताबिक कोरोना वायरस के प्रकोप के कारण दुनिया भर में दो करोड़ 50 लाख नौकरियां जा सकती हैं।
इसके अलावा प्रत्यक्ष विदेशी निवेश में भी 40 प्रतिशत तक की कमी आ सकती है। जॉन हॉपकिंस यूनिवर्सिटी के विज्ञान एवं इंजीनियरिंग केन्द्र (सीएसएसई) के मुताबिक पूरे विश्व में अब तक 8,52,366 लोग कोरोना वायरस से संक्रमित हुए हैं जबकि 41,918 लोगों की मौत हो चुकी है।