सूरत, 12 जुलाई () गुजरात के सूरत शहर में ने हाल में कोरोना संक्रमण के दौरान ड्यूटी पर तैनात एक महिला कांस्टेबल के साथ कथित तौर पर खराब व्यवहार करने के चर्चित मामले में निषेधाज्ञा का उल्लंघन करने और अन्य आरोपों के तहत राज्य के स्वास्थ्य राज्यमंत्री किशोर कुमार कानाणी के पुत्र प्रकाश कानाणी और उसके दो पुत्रों को आज गिरफ्तार कर लिया हालांकि तीनों को जमानत भी मिल गयी।


तीनों को थाने से ही रिहा भी कर दिया गया।
इस मामले में महिला कांस्टेबल सुनीता यादव के व्यवहार को लेकर भी विभागीय जांच की जा रही है।


पूरे प्रकरण की जांच के लिए पुलिस आयुक्त आर बी ब्रह्मभट्ट की ओर से नियुक्त किये गये सहायक पुलिस आयुक्त सी के पटेल ने बताया कि इस संबंध में शहर के वराछा थाने में भारतीय दंड संहिता की धारा 188 (ी आदेश का उल्लंघन), 269 और 270 (संक्रामक रोग के फैलाव पर रोक संबंधी आज्ञा का उल्लंघन) और 114 (किसी आपराधिक कृत्य को बढ़ावा देना) के तहत मामला दर्ज किया गया है और प्रकाश कानाणी तथा उनके दो दाेस्तों काे आज विधिवत इस मामले में कर लिया गया।


श्री पटेल ने एक प्रश्न के उत्तर में कहा कि सुश्री यादव ने अपने पद से इस्तीफा नहीं दिया है। इस मामले में उनकी विभागीय जांच की जा रही है।


ज्ञातव्य है कि सुश्री यादव ने हाल में देर रात के दौरान कथित तौर पर एक कार में बिना मास्क के निकले प्रकाश के दोस्तों को रोका था और बाद में उनमें से एक के बुलाने पर प्रकाश भी वहां पहुंचे थे। इस पूरी घटना के वीडियो और आडियो सोशल मीडिया में वायरल हो गये थे। महिला पुलिसकर्मी ने उनकी गाड़ी पर लिखा का बोर्ड भी हटवा दिया था। उसने पूरे प्रकरण के दौरान मंत्री के प्रति सम्मापूर्ण संबोधन ही किया था। उसने पूछा था कि ऐसे समय में जब कोरोना संक्रमण शहर में बढ़ रहा है और उसके जैसी पुलिसकर्मियों को देर रात सड़क पर रहना पड़ रहा है तो प्रकाश अपने मित्रों को मास्क पहनने की सीख देने की बजाय उनके समर्थन में कैसे आ गये।

अब उसके समर्थन में सोशल मीडिया पर चलाये जा रहे अभियान में कई लोग महिला पुलिसकर्मी का समर्थन कर रहे हैं। इस कड़ी में चर्चित पूर्व आईपीएस अधिकारी डी जी वंजारा का नाम भी जुड़ गया है। उन्होंने उसके कर्तव्यपालन के भाव और साहस की सराहना की है।


इस बीच, प्रकाश ने कहा कि उन्होंने महिला पुलिसकर्मी से कोई खराब बर्ताव नहीं किया। वह अपने दोस्तों की मदद करने गये थे और महिला पुलिसकर्मी से आदरपूर्वक बात कर रहे थे। उनके पिता और मंत्री श्री कानाणी ने कहा कि इस पूरे प्रकरण में वह अधिक कुछ नहीं कहना चाहते पर उन्होंने वीडियो में देखा था कि महिला पुलिसकर्मी बदसलूकी कर रही थी। इसकी गहरायी से जांच होनी चाहिए।