नई दिल्ली : ने वकीलों और वादियों के सामने लॉकडाउन के कारण आ रही परेशानियों पर विचार करते हुए बुधवार को शुरू करने और चेक बाउंस के मामलों के लिए निर्धारित अवधि बढ़ा दी, जो 15 मार्च से अगले आदेश तक प्रभावी रहेगा।

सुप्रीम कोर्ट ने 23 मार्च को हाई कोर्ट्स या न्यायाधिकरणों से अपील की अवधि की सीमा बढ़ाने के लिए संविधान के अनुच्छेद 142 के तहत अपनी शक्तियों का इस्तेमाल किया था। यह निर्देश देश में कोरोनावायरस के प्रकोप पर विचार करने के बाद पारित किया गया था।

कोर्ट ने बुधवार को भी मध्यस्थता कार्यवाही और चेक बाउंस के मामलों के लिए वादियों और वकीलों को यही राहत प्रदान की है। कोर्ट ने कहा कि यदि समयसीमा 15 मार्च के बाद समाप्त हुई है तो 15 मार्च के बाद से उस दिन तक की अवधि, जब विवाद वाले न्यायाधिकार क्षेत्र में लॉकडाउन समाप्त होगा, तक और उसके बाद 15 दिनों तक यह समय सीमा बढ़ाई जाएगी।