के उत्पाद शुल्क विभाग ने शहर में दुकानों पर भीड़ से बचने के लिए शराब की बिक्री के लिए सीमित संख्या में ऑनलाइन टोकन (E-Token)जारी करने की योजना बनाई है। उन्होंने कहा कि इस प्रणाली को पुणे शहर में पायलट आधार पर शुरु किया जाएगा और अगर यह प्रयोग सफल रहा तो इसे राज्य के अन्य हिस्सों में भी लागू किया जाएगा।

यह फैसला पिछले हफ्ते राज्य में कई स्थानों पर शराब की दुकानों के बाहर बड़ी तादाद में एकत्र हुए लोगों के बाद किया गया है, जिसमें कोरोनोवायरस के प्रसार को रोकने के लिए शारीरिक दूरी के मानदंडों का जमकर उल्‍लंघन हुआ था।


विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार नई प्रणाली के तहत, कोई भी व्यक्ति राज्य के आबकारी विभागों पोर्टल पर पंजीकरण करके टोकन प्राप्त कर सकता है और फिर शराब खरीदने के लिए दुकान पर जा सकता है। केवल टोकन पाने वाले ही दुकान पर जाकर शराब खरीद सकते हैं। इससे शराब की दुकानों के बाहर लोगों की लंबी कतार को रोकने में मदद मिलेगी।


सरकार ने सड़कों पर भीड़ से बचने के लिए शराब की बिक्री के लिए सीमित संख्या में टोकन जारी करने की योजना बनाई है। उन्होंने कहा कि इस प्रणाली को पुणे शहर में पायलट आधार पर शुरु किया जाएगा और अगर यह सफल पाया जाता है, तो इसे राज्य के अन्य हिस्सों में दोहराया जाएगा।


गौरतलब है कि शराब की दुकानों पर अनियंत्रित भीड़ से बचने के लिये दिल्‍ली में केजरीवाल सरकार ने पहले ही ई-टोकन प्रणाली लागू कर दी थी हालांकि दिल्‍ली के विपरीत महाराष्ट्र की ई-टोकन प्रणाली के लिए को वेब लिंक को सरकारी प्‍लेटफॉर्म पर होस्‍ट नहीं किया जाएगा। मिली जानकारी के अनुसार महाराष्ट्र सरकार शराब की होम डिलीवरी का विकल्‍प भी तलाश रही है ताकि भीड़ से बचा जा सके। हालांकि राज्‍य सरकार ने अभी तक शराबबंदी नीति को ही बढ़ावा दिया है।