जयपुर। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने प्रदेशवासियों से कहा है कि राजस्थान में 31 मार्च तक घोषित लॉकडाउन का पूरी तरह से पालन करें और सभी के जीवन की रक्षा के लिए अपने घरों से नहीं निकलें। उन्होंने कहा कि यदि लोग स्वप्रेरित कर्फ्यू जैसा व्यवहार करके सरकार का सहयोग नहीं करेंगे, तो मजबूरी में सख्ती करनी पडे़गी और बुधवार से कर्फ्यू लगाना पडे़गा।
मुख्यमंत्री गहलोत ने निवास पर एक उच्चस्तरीय बैठक में यह निर्णय लिया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिये कि लॉकडाउन के तहत मंगलवार से केवल आवश्यक सेवाओं को छोडकर सभी तरह के निजी वाहनों के आवागमन पर सख्ती से रोक लगाई जाए। उन्होंने कहा कि कोरोना के संक्रमण को रोकने के लिए देश के कई राज्यों में कर्फ्यू लगाया गया है, हमें भी राजस्थान में कर्फ्यू लगाना पडे़गा। इसलिए आमजन अपने घरों में ही रहें। उन्होंने सभी स्टेट हाइवे पर स्थित टोल नाकों पर टोल की वसूली नहीं करने के भी निर्देश दिये।

आमजन की परेशानियों के समाधान के लिए ‘वार रूम’ बनाया

मुख्यमंत्री ने कहा कि लॉकडाउन की स्थिति में आमजन को होने वाली परेशानियों के समाधान के लिए एक ‘वार रूम‘ बनाया गया है, जो 24 घंटे संचालित होगा। इसके लिए राजस्थान संपर्क की हेल्पलाइन नम्बर 181 पर संपर्क किया जा सकेगा। प्रमुख शासन सचिव, सूचना प्रौद्योगिकी अभय कुमार इस राज्य स्तरीय ‘वार रूम‘ के प्रभारी अधिकारी होंगे और 6 वरिष्ठ अधिकारी लगातार वाररूम में मौजूद रहेंगे।
इसके अतिरिक्त स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता और मॉनिटरिंग के लिए ‘हैल्थ वार रूम‘ भी संचालित होगा, जिसके लिए हेल्पलाइन नम्बर 108 और 104 पर संपर्क किया जा सकेगा, रोहित कुमार सिंह ‘हैल्थ वार रूम‘ के नोडल अधिकारी रहेंगे।
बैठक में मुख्य सचिव श्री डीबी गुप्ता, अतिरिक्त मुख्य सचिव गृह श्री राजीव स्वरूप, पुलिस महानिदेशक श्री भूपेन्द्र सिंह, अतिरिक्त मुख्य सचिव वित्त श्री निरंजन आर्य, अतिरिक्त मुख्य सचिव, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य श्री रोहित कुमार सिंह, सूचना एवं जनसम्पर्क आयुक्त श्री महेन्द्र सोनी सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।