लखनऊ। प्रदेश सरकार के निर्देश के बाद चिकित्सा शिक्षा विभाग ने सभी 51 सरकारी, निजी व चिकित्सा संस्थानों में 10 हजार बेड की व्यवस्था के लिए गंभीर हो गए हैं। प्रदेश में कोरोना वायरस के लगातार बढ़ते प्रकोप के मद्देनजर विभाग के प्रमुख सचिव डाॅ. रजनीश दुबे ने सभी मेडिकल कालेजों में टास्क फोर्स गठित करने के निर्देश दिए हैं। इन टास्क फोर्सों के तहत हर मेडिकल कालेज में सात तरीके की प्रबंधन समितियां बनेंगीं। इन समितियों में आइसोलेशन वार्ड एवं क्रिटिकल मैनेजमेंट समिति, ट्रायज मैनेजमेंट समिति, ओपीडी मैनेजमेंट समिति, उपकरण और औषधियों के लिए लॉजिस्टिक मैनेजमेंट समिति, डेटा मैनेजमेंट समिति और मानव संसाधन और सेनेटाइजन की व्यवस्था के लिए हॉस्पिटल मैनेजमेंट समिति हैं। इसके साथ ही प्रमुख सचिव ने कहा है कि सभी मेडिकल कालेजों की ओपीडी, आईपीडी व ओटी की सेवाएं फिलहाल स्थगित रहेंगी। उन्होंने सभी मेडिकल कालेज के संचालकों, निदेशकों और प्रधानाचार्यों को निर्देश दिए हैं कि इन सेवाओं में लगे डॉक्टरों, पैरामेडिकल स्टाफ व अन्य चिकित्साकर्मियों का आकलन कर उन्हें सूचित करें। चूंकि ये चिकित्साकर्मी खाली हो चुके हैं, ऐसे में इन्हें कोराना वायरस के चिकित्सा के कामों में लगाया जा सके।

डाॅ. दुबे ने कोरोना वायरस के मद्देनजर स्टेट नोडल ऑफिसर के तौर पर डाॅ. राम मनोहर लोहिया संस्थान के डाॅ. विक्रम सिंह को नियुक्त किया गया। निर्देश दिए गए हैं कि अब तक सरकारी में 483 और निजी मेडिकल कालेजों में 383 बेड की व्यवस्था की गई है। अब जबकि 10 हजार बेड की व्यवस्था करनी है तो सरकारी निजी मेडिकल कालेजों और चिकित्सा संस्थानों के सेवानिवृत्त चिकित्सा कर्मियों की सेवा ली जाएंगी। ऐसे में उनकी भी सूची तैयार कराई जाए। दूसरी तरफ चिकित्सा शिक्षा विभाग ने आइसोलेशन वार्ड, क्रिटिकल केयर मैनेजमेंट और इंफेक्शन प्रिवेन्ट मैनेजमेंट के तहत लखनऊ के संजय गांधी आयुर्विज्ञान संस्थान में सभी सरकारी व प्राइवेट मेडिकल कालेजों के हेल्थ केयर प्रोफेशनल्स और प्रोवाइडर्स का प्रशिक्षण शुरू कर दिया है।