नई दिल्ली। वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने गुरूवार को ग्रामीण क्षेत्रों, कृषि आदि के लिए कई राहत पैकेज की घोषणा की है। इससे पहले बुधवार को ने एमएसएमई सेक्टर के कई राहत पैकेज का ऐलान किया।

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आज प्रेस कॉन्फ्रेंस कर ों, प्रवासी मजदूरों, रेहड़ी-पटरी वालों के लिए कई घोषणाएं की। उन्होंने कहा कि प्रवासी मजदूर, और गरीब हमारी प्राथमिकता है। संकट आने पर हमने सबसे पहले गरीब के खाते में पैसे पहुंचाए। लॉकडाउन जरूर है लेकिन सरकार लगातार दिन-रात काम कर रही है।

ग्रामीण विकास अधिरचना के लिए मार्च महीने में राज्यों को 4200 करोड़ रुपये दिए गए हैं। नाबार्ड बैंक द्वारा को-ऑपरेटिव बैंक और रिजनल रूरल बैंक को मार्च में 29,500 करोड़ रुपये की री-फाइनैंसिंग की गई है। कोरोना संकट के दौरान किसानों और रूरल इकॉनमी के लिए सरकार बड़े पैमाने पर लोन बांट रही है। 1 मार्च से 30 अप्रैल के बीच 86 हजार 600 करोड़ रुपये के 63 लाख कृषि लोन मंजूर किए गए हैं।

राज्यों ने किसानों को 6700 करोड़ की मदद दी है। फसल कर्ज की अदायगी की समय सीमा बढ़ाई गई। आज की जो घोषणाएं हैं वे प्रवासी मजदूरों, स्ट्रीट वेंडर, स्मॉल ट्रेडर्स और छोटे किसानों के लिए है। 25 लाख नए किसान क्रेडिट कार्ड जारी किए गए हैं जिसकी लोन लिमिट 25 हजार करोड़ रुपये है।

फसली लोन पर जो रीपेमेंट की तारीख 1 मार्च थी, उसे बढ़ाकर 31 मई 2020 कर दिया गया है। देश के 3 करोड़ किसान जिनपर करीब 4.22 लाख करोड़ रुपये का लोन है, उन्होंन लोन मोरा टोरियम पीरियड का फायदा उठाया है।

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