ओडिशा/पश्चिम बंगाल : ’बुधवार को पश्चिम बंगाल और ओडिशा के समुद्र तटों पर दस्तक दे सकता है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के अधिकारियों ने सोमवार को यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि चक्रवाती तूफान से दोनों राज्यों के तटीय जिलों में बड़े स्तर पर नुकसान हो सकता है।

उन्होंने कहा कि अम्फान’अगले 24 घंटों के दौरान और अधिक तीव्र होकर खतरनाक रूप ले सकता है। चक्रवाती तूफान पर निरंतर नजर रखी जा रही है और संबंधित राज्य सरकारों को इस संबंध में लगातार सूचना दी जा रही है। तूफान आने के दौरान दोनों राज्यों में भारी बारिश की संभावना है।

20 मई की शाम को बंगाल और ओडिशा के तट पर पहुंचेगा तूफान अम्फान 1
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प्रचंड चक्रवातीय तूफान ‘अम्फान’के बांग्लादेश के दक्षिणी तट की ओर बढ़ने के बीच यहां की सरकार ने सोमवार को करीब 20 लाख लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने का आदेश दिया।आपदा प्रबंधन मंत्रालय के सचिव शाह कमाल ने कहा कि दक्षिण-पश्चिमी अति प्रभावित 19 जिलों के प्रशासन को लोगों की जान बचाने के लिए सभी तैयारियां करने को कहा गया है। उन्होंने कहा कि ‘अम्फान’ के तटीय क्षेत्र की ओर बढ़ने के चलते स्थानीय प्रशासन को कम से कम 18 से 20 लाख लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के निर्देश दिए गए हैं।


प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सोमवार को एक उच्च स्तरीय बैठक में बंगाल की खाड़ी में उठे चक्रवाती तूफान ‘अम्फान’ से उत्पन्न स्थिति की समीक्षा की। मोदी ने तूफान के बाद की संभावित स्थिति और उससे निपटने के लिए किए जा रहे उपायों तथा तैयारियों का जायजा लिया। राष्ट्रीय आपदा मोचन बल ने जरूरत पड़ने पर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के संंबंध में एक ‘प्रेजेन्टेशन’ भी दी। बल के महानिदेशक ने बताया कि स्थिति से निपटने के लिए 25 टीमों को तैनात किया गया है जबकि 12 अन्य को तैयार रहने को कहा गया है।

देश के विभिन्न हिस्सों में तैनात 24 अन्य टीमों को भी स्थिति के अनुसार बुलाया जा सकता है। बैठक में केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह , प्रधानमंत्री के प्रधान सलाहकार पी के सिन्हा , कैबिनेट सचिव राजीव गौबा और विभिन्न मंत्रालयों के अनेक वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद थे।