नई दिल्ली, 23 जून (वार्ता) केंद्रीय अल्पसंख्यक कार्य मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने कहा कि कोरोना वायरस महामारी से उत्पन्न चुनौतियों के मद्देनजर सऊदी अरब सरकार की ओर से मिले सुझाव के कारण इस साल भारतीय नागरिकों को हज पर नहीं भेजने का फैसला किया गया है।

श्री नकवी ने मंगलवार को यहां संवाददाताओं से कहा, “सऊदी अरब सरकार में हज एवं उमराह मंत्री डॉक्टर मोहम्मद सालेह बिन ताहेर बेनतेन का कल रात फोन आया था।उन्होंने कोरोना महामारी के चलते इस बार हज में भारत से हज यात्रियों को नहीं भेजने का सुझाव दिया है। उन्होंने पूरी दुनिया में कोरोना महामारी के बारे में चर्चा की।”

श्री नकवी ने कहा कि सऊदी अरब सरकार के निर्णय का सम्मान करते हुए, हालात के मद्देनजर लोगों की सेहत-सलामती को प्राथमिकता देते हुए, यह फैसला किया गया है कि इस वर्ष हज के लिए भारतीय मुसलमान सऊदी अरब नहीं जायेंगे। कोरोना की गंभीर चुनौतियों से पूरी दुनिया प्रभावित है, सऊदी अरब में भी इसका असर देखा जा रहा है।

श्री नकवी ने कहा कि इस वर्ष 2300 से अधिक बिना मेहरम (पुरुष रिश्तेदार) हज पर जाने वाली महिलाओं के आवेदन स्वीकृत किये गए हैं। पुरुष आवेदनकर्ताओं की तरह इन महिलाओं के भी पैसे वापस किये जायेंगे लेकिन इस साल के स्वीकृत आवेदन के आधार पर उन्हें अगले साल हज पर जाने की अनुमति होगी। इन महिलाओं को अगले साल उन्हें अलग से आवेदन नहीं करना होगा। इसके साथ ही अगले साल भी जो महिलाएं बिना मेहरम हज यात्रा के लिए आवेदन करेंगी, उन सभी को हज यात्रा पर भेजा जाएगा।

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि अब तक हज के लिए दो लाख 13 हजार आवेदन प्राप्त हुए थे। सभी आवेदकों द्वारा जमा कराया गया पूरा पैसा बिना किसी कटौती के तत्काल वापस किये जाने की प्रक्रिया आज से ही शुरू कर दी गई है। यह पैसा ऑनलाइन डीबीटी के जरिये आवेदकों के खाते में भेजा जायेगा।

श्री नकवी ने कहा कि 2019 में दो लाख भारतीय मुसलमान हज यात्रा पर गए थे जिनमें 50 प्रतिशत महिलाएं शामिल थी, इसके अतिरिक्त मोदी सरकार के अंतर्गत 2018 में शुरू की गई बिना मेहरम महिलाओं को हज पर जाने की प्रक्रिया के तहत अब तक बिना मेहरम के हज पर जाने वाली महिलाओं की संख्या 3040 हो चुकी है।

उन्होंने कहा कि इंडोनेशिया, मलेशिया और सिंगापुर सहित कई देशों ने पहले ही अपने अपने देशों से हज यात्रा को रद्द कर दिया था। सऊदी अरब की सरकार के साथ मजबूत द्विपक्षीय संबंध होने के चलते भारत ने सऊदी अरब सरकार के निर्णय का इन्तजार किया।

श्री नकवी ने कहा कि मोदी सरकार द्वारा उठाये गए अभूतपूर्व कदम से जहां एक ओर हज की संपूर्ण व्यवस्था डिजिटल और पारदर्शी हुई है वहीं दूसरी ओर हज यात्र सस्ती और सुगम हुई है। भारत पूरी दुनिया का ऐसा पहला देश बना जहां हज 2020 की संम्पूर्ण प्रक्रिया सौ प्रतिशत डिजिटल हो गई।

गौरतलब है कि कल देर रात सऊदी अरब के हज एवं उमराह मंत्रालय ने एक बयान जारी कर कहा है कि “वैश्विक कोरोना महामारी के चलते धार्मिक स्थलों पर भीड़ भाड़ वाले कार्यक्रमों को स्थगित कर दिया गया है। यह निर्णय लिया गया है कि विभिन्न देशों के जो लोग इस समय सऊदी अरब में रह रहे हैं, उन्हीं द्वारा बहुत सीमित संख्या में सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए हज किया जायेगा।“