गांधीनगर, 05 मई सरकार ने आज कहा कि कोराेना संकट और लाॅकडाउन के बीच गुजरात में (Gujarat me) ं को उनके राज्य वापस भेजने के लिए आज भी दस और चार दिन में अब तक कुल 35 विशेष ट्रेन चलायी गयी हैं तथा घरवापसी के इच्छुक सभी ऐसे लोगों को सुरक्षित ढंग भेजा जायेगा।


मुख्यमंत्री के सचिव अश्विनी कुमार ने कहा कि अब तक कुल लगभग सवा तीन लाख प्रवासी श्रमिक सुरक्षित ढंग से अपने घर लौट चुके हैं। इनमें 35 श्रमिक विशेष ट्रेनों से 42 हजार श्रमिक उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंंड और ओड़िशा जैसे राज्यों में लौटे हैं। उन्होंने बताया कि कल से ऐसे प्रवासी श्रमिकों की वापसी के लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया भी शुरू हो रही है। श्रमिकों से उतावली नहीं दिखाने और धैर्य रखने की अपील करते हुए कहा कि सरकार घर लौटने के इच्छुक सभी लोगों को सुरक्षित ढंग से वापस भेजने के लिए संकल्पित है।


उन्होंने कहा कि गुजरात में (Gujarat me) हीरा तथा कपड़ा उद्योग का गढ़ कहे जाने वाले सूरत से 5500 मजदूरों की सरकारी बसों तथा एक लाख 67 हजार घरेलू प्रवासी मजदूरों की निजी वाहनों और एक लाख 14 हजार अन्य की निजी अथवा अन्य वाहनों से गुजरात में ही अन्यत्र घरवापसी हुई है। ये यहां के विभिन्न जिलों से सूरत में गये थे।


श्री कुमार ने कहा कि आज सूरत से ओड़िशा और उत्तर प्रदेश के लिए तीन तीन तथा बिहार और झारखंड के लिए एक-एक यानी कुल 8 ट्रेने ऐसे श्रमिकों को लेकर रवाना हो रही हैं। वीरमगाम से उत्तर प्रदेश के लिए दो तथा अहमदाबाद के साबरमती स्टेशन बिहार और उत्तर प्रदेश के लिए एक एक ट्रेन रवाना होगी। इनमें कुल मिला कर लगभग 12000 लोग होंगे। इससे पहले के तीन दिन में 23 ट्रेनों में लगभग 30 हजार श्रमिक इन राज्यों में गये हैं।

लॉकडाउन के बीच अब तक गुजरात में (Gujarat me) सवा तीन लाख प्रवासी श्रमिकों की घरवापसी 1
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उन्होंने कहा कि भेजे जा रहे सभी श्रमिकों के स्वास्थ्य की जांच की जा रही है। श्रमिकों को संबंधित जिला कलेक्टर कार्यालय में रजिस्ट्रेशन कराना चाहिए तथा बड़ी भीड़ जुटाने से बचना चाहिए। सरकार घर लौटने के इच्छुक हर एक श्रमिक को वापस भेजेगी।
उन्होंने कहा कि सरकार ने सूरत में रहने वाले सौराष्ट्र के लोगों की वापसी के लिए प्रबंध किये हैं।


ज्ञातव्य है कि गुजरात में उक्त चार राज्यों के अलावा मध्य प्रदेश, राजस्थान समेत अन्य राज्यों के भी श्रमिक बड़ी संख्या में रहते हैं। गुजरात में कोरोना संक्रमण के अब तक लगभग छह हजार मामले सामने आये हैं तथा 300 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है।