नई दिल्ली : ने 25 मई से घरेलू उड़ानों का ऑपरेशन शुरू करने की घोषणा कर दी है। इस घोषणा के साथ, उन्‍होंने एयर फेयर () की अधिकतम एवं न्‍यूनतम सीमा भी तय कर दी है। मंत्रालय द्वारा एयर फेयर पर लगाया गया यह कैप अगले तीन महीने तक लागू रहेगा। केंद्रीय नागर विमानन मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने देश के सबसे व्‍यस्‍त रूट का उदाहरण देते हुए बताया कि दिल्‍ली से मुंबई के बीच का न्‍यूनतम किराया 3500 रुपये और अधिकतम किराया 10 हजार रुपये तय किया गया है। इसी तरह, दिल्‍ली-मुंबई की ही तरह 25 मई से शुरू हो रही सभी सेक्‍टर की उड़ानों के किराए की सीमा तय कर दी गई है।

हवाई किराया हुआ तय, तीन महीने तक फिक्स चार्ज ही ले पाएंगी एयरलाइंस 1
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हवाई किराया हुआ तय, ही ले पाएंगी


मंत्री ने बताया कि प्रत्येक श्रेणी में हवाई किराये की विशेष निम्नतम और उच्च सीमा होगी और पहली ऐसी श्रेणी में वो उड़ानें होंगी जिनकी उड़ान अवधि 40 मिनट से कम है। उन्होंने संवाददाता सम्मेलन में कहा कि इसके बाद दूसरी, तीसरी,चौथी और पांचवीं श्रेणी में क्रमश: 40-60 मिनट, 60-90 मिनट, 90-120 मिनट और 120-150 मिनट की अवधि वाली उड़ानें होंगी। छठी और सातवीं श्रेणी में 150-180 मिनट और 180-210 मिनट अवधि वाली उड़ानें होंगी। हालांकि, मंत्री ने यह नहीं बताया कि किरायों की उच्च सीमा और निम्न सीमा क्या होगी और एयरलाइन्स कब से घरेलू उड़ानों के लिए अपनी बुकिंग शुरू कर सकेंगी।


संवाददाता सम्मेलन में मौजूद विमानन सचिव पी एस खरोला ने कहा कि 40 प्रतिशत सीटें उड़ानों के लिए निर्धारित हवाई किराये की निम्नतम और अधिकतम सीमाओं के बीच वाले मूल्य पर बुक करनी होंगी। पुरी ने कहा कि वह अभी इस बारे में टिप्पणी नहीं कर सकते कि उड़ान परिचालन पूरी तरह कब बहाल होगा। उन्होंने कहा, ‘‘हमें वंदे भारत मिशन से कुछ अनुभव मिला है। अभी हम हमारे घरेलू विमान परिचालन के एक तिहाई हिस्से को खोल रहे हैं। अब हमें जो अनुभव मिलेगा, उसके आधार पर हम अंतरराष्ट्रीय उड़ान सेवाएं शुरू करेंगे।” उन्होंने कहा कि अगर किसी यात्री के फोन में किसी कारण से आरोग्य सेतु ऐप नहीं होगा तो उसे एक स्व-घोषणा पत्र भरकर देना होगा। ऐसे यात्री को विमान में चढ़ने से नहीं रोका जाएगा।

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पुरी ने कहा कि कोरोना वायरस महामारी के कारण विदेशों में फंसे भारतीयों को वापस लाने के लिहाज से चलाये जा रहे वंदे भारत मिशन में निजी विमानन कंपनियां भी शामिल होंगी। उन्होंने कहा कि महीने के अंत तक कुल 50 हजार भारतीयों को इस मिशन के तहत दूसरे देशों से वापस लाया जाएगा। वंदे भारत मिशन की शुरुआत सात मई को हुई थी। अभी तक इस मिशन के तहत एयर इंडिया और उसकी सहायक एयर इंडिया एक्सप्रेस ही उड़ानों का परिचालन कर रही हैं।