नई दिल्ली, 27 मई (वार्ता) ने निजामुद्दीन मामले की केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) से जांच कराये जाने संबंधी याचिका पर केंद्र सरकार से बुधवार को जवाब तलब किया।

मुख्य न्यायाधीश शरद अरविंद बोबडे, न्यायमूर्ति ए एस बोपन्ना और न्यायमूर्ति हृषिकेश राय की पीठ ने वकील सुप्रिया पंडित की याचिका पर केंद्र सरकार एवं दिल्ली सरकार को नोटिस जारी किया।

याचिकाकर्ता ने कोरोनवायरस से लोगों के जीवन की सुरक्षा में लापरवाह रवैया अपनाने को लेकर केंद्र और दिल्ली सरकार पर निष्क्रियता का आरोप लगाया। खंडपीठ ने सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता से सरकार का पक्ष जानना चाहा, जिस पर उन्होंने एक सप्ताह की मोहलत मांगी और न्यायालय ने इसे मंजूर कर लिया।

याचिकाकर्ता का कहना है कि आखिर कोराेना महामारी के कारण घोषित लॉकडाउन के बावजूद देश-विदेश के लोग क्यों बड़ी संख्या में मरकज में जमा रहे, जबकि आयोजन लॉकडाउन से करीब एक सप्ताह पहले ही खत्म हो चुका था।

याचिकाकर्ता का कहना है कि निजामुद्दीन मरकज में विदेशी प्रतिनिधियों समेत बड़े पैमाने पर लोगों के एकत्र होने की अनुमति कैसे दी गई? जबकि दुनिया भर में कोरोना महामारी का खतरा मंडरा रहा था। याचिकाकर्ता ने दिल्ली पुलिस की भूमिका पर भी सवाल खड़े किये हैं।