नयी दिल्ली, 27 मई (वार्ता) ने दिल्ली के निजामुद्दीन मरकज अैर तब्लीगी जमात के खिलाफ मीडिया रिपोर्टिंग का लेकर दायर याचिका पर केंद्र सरकार और भारतीय प्रेस परिषद पीसीआई से बुधवार को जवाब तलब किया।

मुख्य न्यायाधीश शरद अरविंद बोबडे, न्यायमूर्ति ए एस बोपन्ना और न्यायमूर्ति हृषिकेश रॉय की खंडपीठ ने जमात को लेकर कथित तौर पर आपत्तिजनक और सांप्रदायिकता फैलाने वाली मीडिया रिपोर्टिंग के खिलाफ जमीयत उलेमा-ए-हिंद की याचिका पर सुनवाई करते हुए केंद्र सरकार को कहा कि लोगों को कानून और व्यवस्था के मुद्दों को भड़काने न दें। ये ऐसी चीजें हैं जो बाद में कानून और व्यवस्था का मुद्दा बन जाती हैं।

कथित सांप्रदायिक रिपोर्टिंग मामले में केंद्र, पीसीआई से जवाब तलब

याचिकाकर्ता की ओर से वरिष्ठ वकील दुष्यंत दवे ने कहा कि यह एक गंभीर मामला है। इसे गंभीरता से लिया जाना चाहिए। न्यायमूर्ति दवे ने कहा, “हम सभी मामलों को गंभीरता से लेते हैं। आपको हमें बार-बार बताने की जरूरत नहीं है। इसकी एक न्यायिक प्रक्रिया है। उसी के अनुसार सुनवाई होगी।” न्यायालय पीसीआई से पूछा, “आपने क्या कार्रवाई की?” इस पर पीसीआई की ओर से कहा गया कि उसे याचिका की प्रति मुहैया नहीं कराई गई है।