ने तबलीगी जमात में हिस्सा लेने के कारण काली सूची में डाले गये विी नागरिकों की याचिका की सुनवाई 31 जुलाई तक के लिए स्थगित कर दी है।

न्यायमूर्ति ए एम खानविलकर की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता को इस बात पर निर्देश लेने के लिए सुनवाई शुक्रवार तक के लिए स्थगित कर दी कि क्या जिन विदेशियों ने दोष स्वीकार नहीं किया है, उनके मुकदमों में तेज़ी लाई जा सकती है?

श्री मेहता ने खंडपीठ को सूचित किया कि 34 याचिकाकर्ताओं में से 23 दोषी ठहराए गए हैं और उन पर एक निश्चित जुर्माना लगाया गया है। इसलिए वे घर वापस जाने के लिए स्वतंत्र हैं। उन्होंने कहा कि नौ को मुकदमे का सामना करना है और उनका ट्रायल विभिन्न अदालतों के समक्ष लंबित है।

न्यायमूर्ति खानविलकर ने श्री मेहता से पूछा कि निचली अदालतों में जमातियों के खिलाफ मुकदमे की सुनवाई जल्द से जल्द पूरा करने के लिए क्या किया जा सकता है? इस पर सॉलिसिटर जनरल ने कहा कि वह जांच से बात करेंगे।