लखनऊ, 10 जून (वार्ता) उत्तर प्रदेश विधानसभा में congress विधानमंडल दल की नेता आराधना मिश्रा मोना ने कहा कि सत्ता संरक्षण में पूरा शिक्षा विभाग भ्रष्टाचार की दलदल में फंसा हुआ है।
श्रीमती मिश्रा ने बुधवार को यहां पत्रकारों से कहा कि एक तरफ अभी 69 हजार भर्ती में घोटाला सामने आया है और अब शिक्षा विभाग में ’फर्जी शिक्षक वेतन महाघोटाला’ सामने आ गया है। यह सैकड़ों करोड़ का घोटाला है। आज श्रावस्ती में छह फर्जी शिक्षक सामने आये हैं जो वेतन ले रहे थे। 12 ललितपुर में फर्जी उर्दू शिक्षकों का नाम आया है।


congress विधानमंडल दल की नेता आराधना मिश्रा मोना कहा कि 69 हजार शिक्षक भर्ती में प्रतियोगी छात्र छात्राओं के साथ बहुत नाइंसाफी हुई है। इस भर्ती प्रक्रिया में सत्ताधारी दल के लोग शामिल हैं। कुछ दिन पहले अनामिका शुक्ला का मामला सामने आया था कि एक नाम पर कैसे दो दर्जन से अधिक जगह से वेतन लिया जा रहा हैं। नौ जून को अनामिका शुक्ला का मामला बेनकाब हो गया। अनामिका शुक्ला का दावा है कि वे कभी नौकरी ही नहीं कीं हैं।

योगी सरकार का शिक्षा विभाग भ्रष्टाचार की दलदल में फंसा हुआ - congress नेता आराधना मिश्रा मोना


उन्होंने कहा कि शिक्षा विभाग में डकैतों का गिरोह चल रहा है और इस गिरोह को सत्ता का संरक्षण प्राप्त है। उन्होंने मांग किया कि इस महा घोटाले की न्यायिक जांच माननीय उच्च न्यायालय या सर्वोच्च न्यायालय के जज के निगरानी में कराई जाए।
पार्टी के प्रदेश उपाध्यक्ष वीरेंद्र चैधरी ने कहा कि शिक्षा विभाग में चल रही खुली लूट और डकैती ने साधारण सी एक महिला को शिकार बनाया है। उन्होंने कहा कि पार्टी महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा लगातार इस मामले पर आवाज बुलंद कर रहीं हैं। इस महा घोटाले का शिकार हुई गोंडा की अनामिका शुक्ला से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सार्वजनिक तौर पर माफी मांगे।


उन्होने कहा कि congress 69 हजार शिक्षक भर्ती घोटाले के खिलाफ हर लड़ाई लड़ने को तैयार है। पूरे पार्टी इंसाफ की यह लड़ाई लड़ेगी। उन्होंने कहा कि प्रतापगढ़ में शिक्षक भर्ती घोटाले के कई नाम सामने आए हैं लेकिन वे अभी भी पुलिस के पकड़ से बाहर हैं। आखिर पर्दे के पीछे कौन है।