नई दिल्ली 10 मई ने कहा है कि लॉकडाउन प्रवासी श्रमिको के लिए सबसे बड़ी बन गया है लेकिन सरकार सैकड़ो किलोमीटर पैदल चलकर अपने घर जाने को मजबूर श्रमिकों के साथ घिनौना मज़ाक कर रही है।

कांग्रेस प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत ने रविवार को यहाँ संवाददाता सम्मेलन में कहा कि प्रवासी श्रमिको को जबरन रोक जा रहा है। पैदल ही अपने घरों जाने को मजबूर हज़ारो श्रमिक विभिन्न राज्यों की सीमाओं पर फंसे हुए है और उनको आगे नही बढ़ने दिया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि श्रमिक छोटे बच्चों और महिलाओं के साथ भूखे प्यासे पैदल चल रहे है। इन मजबूर लोगो के लिए सरकार कुछ नहीं कर रही है जिसके कारण देश मे सबसे बड़ी मानव त्रासदी पैदा हो गयी है। भूख तथा अन्य कारणों से 42 श्रमिको की मौत हो चुकी है।

प्रवासी श्रमिकों की त्रासदी पर ध्यान नही दे रही सरकार : कांग्रेस 1
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प्रवक्ता ने लॉक डाउन को श्रमिको तथा गरीबो के लिए सबसे बड़ी त्रासदी बताया और कहा है कि सरकार को सभी मज़दूरों को हर हाल में घर भेजने की व्यवस्था करनी चाहिए।