नई दिल्ली, 04 अगस्त कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने भगवान राम के चरित्र को ीय संस्कृति, दर्शन, सभ्यता का प्रतीक और ीय भूभाग में मानवता को जोड़ने का सूत्र बताते हुए कहा है कि अयोध्या में रामलला के का भूमि पूजन समारोह राष्ट्रीय एकता बंधुत्व और सांस्कृतिक समागम का कार्यक्रम साबित होगा।

श्रीमती वाड्रा ने मंगलवार को यहां जारी बयान में कामना करते हुए कहा “सरलता, साहस, संयम, त्याग, वचनबद्धता, दीनबंधु राम नाम का सार है। राम सब में हैं, राम सबके साथ हैं। भगवान राम और माता सीता के सं और उनकी कृपा के साथ रामलला के मंदिर के भूमिपूजन का कार्यक्रम राष्ट्रीय एकता, बंधुत्व तथा सांस्कृतिक समागम का अवसर बने। जय सियाराम।”

उन्होंने भगवान राम के चरित्र को एकता का सूत्र बताया और कहा कि और भारतीय उपमहाद्वीप की संस्कृति में की गहरी और अमिट छाप है। भगवान राम, माता सीता और की गाथा हजारों वर्षों से भारतीय सांस्कृतिक और धार्मिक स्मृतियों में प्रकाशपुंज की तरह आलोकित है।

कांग्रेस महासचिव ने कहा कि भारतीय मनीषा रामायण के प्रसंगों से धर्म, नीति, कर्तव्यपरायणता, त्याग, उदात्तता, प्रेम, पराक्रम और सेवा की प्रेरणा पाती रही है। उत्तर से दक्षिण, पूरब से पश्चिम तक रामकथा अनेक रूपों में स्वयं को अभिव्यक्त करती चली आ रही है। श्रीहरि के अनगिनत रूपों की तरह ही रामकथा हरिकथा अनंता है।