नई , 23 जुलाई के पूर्व अध्यक्ष ने नरेंद्र मोदी पर सीधा हमला करते हुए आरोप लगाया है कि उनका फ़ोकस अपनी छवि बनाने पर है।

श्री गांधी ने गुरुवार को यहां जारी एक वीडियो में कहा कि श्री मोदी के साथ ही के राष्ट्रीय संस्थान भी इसी काम में लगे हैं लेकिन उन्हें ध्यान रखना चाहिए कि एक व्यक्ति की छवि राष्ट्रीय परिकल्पना का विकल्प नहीं हो सकती है।

चीन की आक्रामकता से निपटने के संदर्भ में उन्होंने कहा कि चीन के साथ मानसिक मजबूती से निपटना पड़ेगा और यह तब ही संभव है जब आप खुद मजबूत स्थिति में होंगे। ध्यान यह देना है कि वे कमजोरी नहीं पकड़े, यदि उन्होंने हमारी कमजोरी पकड़ ली तो फिर गड़बड़ है।

उन्होंने कहा कि चीन की आक्रामकता से निपटने के लिए स्पष्ट दृष्टिकोण का होना आवश्यक है और अगर यह नहीं है तो फिर चीन से नहीं निपट सकते। यह बात सिर्फ राष्ट्रीय नहीं बल्कि अंतरराष्ट्रीय दृष्टिकोण की है और इसके लिए हमें वैश्विक दृष्टिकोण अपनाना ही होगा।

       श्री गांधी ने कहा कि भारत को अब एक ‘विचार’ बनना होगा क्योंकि ‘वैश्विक विचार’ यानी

बड़े स्तर पर सोचने से ही देश की रक्षा की जा सकती है। चीन से सीमा विवाद का निपटान ज़रूरी है । इसका समाधान करना है लेेकिन हमें अपना तरीका बदलना होगा।

उन्होंने कहा “हमें अपनी सोच बदलनी होगी। जब से 2014 में ने सत्ता संभाली है, भारत का दृष्टिकोण कहीं गायब सा हो गया है। चाहे अर्थव्यवस्था की बात हो या सीमा विवाद की; हर क्षेत्र में हम पिछड़ते जा रहे हैं। प्रधानमंत्री अपनी आभासी छवि से देश को कमजोर करने का काम कर रहे हैं।”

भारतीय आपस में लड़ रहे हैं और इसका कारण है, आगे बढ़ने के लिए किसी स्पष्ट दृष्टिकोण का नहीं होना। उन्होंने कहा “मैं दावे से आपको कहता हूँ कि दृष्टिकोण नहीं है और इसलिए ही आज चीन भारत भूमि पर घुसा है। चीन से कैसे निपटें।”