चीन के बीजिंग चीफ मेडिकल एडवाइजर और चीन के टॉप डॉक्टर डॉ. झॉन्ग नैनशेन ने किया दावा कि कोरोना वायरस महामारी संभवत महीने के अंत यानी चार हफ्ते ( 28 दिनों) में खत्म हो सकता है। डॉ. झॉन्ग ने इसके साथ यह भी दावा किया है कि चीन में अब दोबारा कोरोना वायरल का प्रकोप देखने को नहीं मिलेगा। 83 वर्षीय डॉ. झॉन्ग कोरोना वायरस को लेकर चीन की सरकार द्वार तैनात मुख्य टीम के चीफ भी हैं। डॉ. झॉन्ग ने कहा कि चीन में कोरोना वायरस का दूसरा हमला नहीं होगा क्योंकि हमने मॉनिटरिंग सिस्टम को बहुत ज्यादा मजबूत कर दिया है। डॉ. झॉन्ग नैनशेन ने कहा कि कोरोना वायरस से लड़ने के लिए दो ही तरीके हैं। पहला कि हम की दर को सबसे कम स्तर पर लेकर जाएं। फिर उसे बढ़ने से रोकें। इससे हमें वैक्सीन बनाने का समय मिलेगा और हम इस बीमारी को खत्म कर पाएंगे।
, वैज्ञानिक डॉ. झॉन्ग का दावा- 4 हफ्तों में कम होंगे कोरोना संक्रमण के मामले
डॉ. झॉन्ग ने कहा कि दूसरा तरीका ये है कि संक्रमण में देरी लाएं और अपने कुछ मरीजों की संख्या को अलग-अलग तरीकों से कम करें। ज्यादातर देशों ने कोरोना को लेकर कड़े कदम उठाए हैं। ऐसे में मुझे उम्मीद है कि अगले चार हफ्तों (28 दिनों) में नए मामले आने लगभग बंद हो जाएंगे। डॉ. झॉन्ग ने बताया कि दुनिया में जो ये बात फैलाई जा रही है कि चीन के पास अब भी लाखों साइलेंट कोरोना कैरियर्स हैं। ये झूठ है। हम सभी उन मरीजों को अस्पतालों में भर्ती कर चुके हैं, जिन्हें कोरोना का संक्रमण हैं लेकिन लक्षण नहीं दिखते।इन्हें एसिम्प्टोमैटिक केस कहते। एसिम्प्टोमैटिक केस से संक्रमण बढ़ने का खतरा चीन में ज्यादा नहीं है। क्योंकि अभी तक हमें इसका कोई प्रमाण नहीं मिला है। डॉ. झॉन्ग ने कहा कि जो मरीज इस बीमारी से उबर चुके हैं। वो भी दोबारा इससे बीमार होंगे, इसकी आशंका भी बेहद कम है।
डॉ. झॉन्ग ने बताया कि अगर कोई केस इस तरह के सामने आते भी हैं तो उनसे संक्रमण के बढ़ने का खतरा बेहद कम रहता है। ये रेयर होता है. क्योंकि उनके शरीर में पहले से एंटीबॉडीज होती हैं, जो वायरस से लड़ रही होती हैं।
, वैज्ञानिक डॉ. झॉन्ग का दावा- 4 हफ्तों में कम होंगे कोरोना संक्रमण के मामले