काल में विधानसभा चुनाव कराने को लेकर ने भी अनुमति दे दी है। की सबसे बड़ी अदालत ने कहा कि कोरोना के चलते चुनाव को नहीं टाला जा सकता है। सुप्रीम कोर्ट ने इस साल के आखिरी महीनों में संभावित बिहार विधानसभा के चुनावों को टालने की मांग वाली याचिका को खारिज कर दिया। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि कोरोनावायरस की वजह से बिहार में विधानसभा चुनाव नहीं रोके जा सकते।

बता दें कि बिहार चुनावों को लेकर विपक्ष की ओर से भी दबाव बनाया जा रहा था कि कोरोना के चलते चुनावों को अभी टाल देना चाहिए लेकिन शीर्ष अदालत ने मामले में दाखिल की गई याचिका को खारिज कर दिया है। कोर्ट का कहना है कि ‘कोविड के आधार पर चुनावों पर रोक और चुनाव आयोग की शक्तियों में दखल नहीं दिया जा सकता। साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने याचिकाकर्ता को चुनाव आयोग के पास जाने के लिए कहा। मामले की सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि अभी चुनाव संबंधी कोई अधिसूचना नहीं जारी हुई है, ऐसे में हम कोई हस्तक्षेप नहीं कर सकते हैं। साथ कोर्ट ने कहा कि अभी चुनाव संबंधी कोई अधिसूचना नहीं जारी हुई है, ऐसे में हम कोई हस्तक्षेप नहीं कर सकते हैं। कोर्ट ने कहा कि याचिका समय से पहले दायर कर दी गई है, जबकि चुनाव को लेकर कोई अधिसूचना जारी नहीं हुई है।

कोर्ट ने कहा कि अभी चुनाव आयोग ने इलेक्शन की तारीख के लिए नोटिफिकेशन भी जारी नहीं किया है, आयोग सभी चीजो का ध्यान मे रखकर फैसला लेगा। याचिका पर सुनवाई का कोई औचित्य नहीं। सुप्रीम कोर्ट ने इस साल के अंत में बिहार विधानसभा चुनाव कराने के लिए चुनाव आयोग की शक्ति के साथ हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि अदालत चुनाव आयोग को यह नहीं बता सकती कि उसे क्या करना है।

इस मामले में सुप्रीम कोर्ट में जनहित याचिका दायर की गई थी जिसमें कहा गया था कि देश में कोरोना संकट काल चल रहा है, बिहार में हालात काफ़ी ख़राब है, कोरोना के मरीज़ों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है और यदि चुनाव का माहौल बना तो लोगों की भीड़ जुटेगी, संबंधी गाइडलाइन का पालन नहीं होगा और कोरोना ज़्यादा फैलेगा इसलिए बिहार में विधानसभा चुनाव टालना चाहिए।