28 जुलाई हिजरी सम्वत 1441 के जिलहिज माह की आखिरी छठी के मौके पर आज में अजमेर स्थित ख्वाजा साहब की महानाछठी शिद्दत के साथ मनाई गई।

काल के दौरान दरगाह शरीफ में प्रतिबंधित प्रवेश के बीच पासधारी खादिम समुदाय ने दरगाह के आहता-ए-नूर में छठी की फातहा की रस्म पूरी की। इस दौरान दरगाह शरीफ के बाहर सड़कों पर सैंकड़ों अकीदतमंद छठी में भागीदारी निभाते नजर आए लेकिन दरगाह के अंदर प्रवेश नहीं पा सके। अंजुमन से जुड़े खादिमों ने फातहा की रस्म के बाद कुरान की तिलावत के साथ शिजराख्वानी एवं नाथ मनकबत पेश कर ख्वाजा साहब की जीवनी एवं शिक्षाओं का बखान किया। दरगाह शरीफ में छठी के मौके पर ही मुल्क की खुशहाली, भाईचारे तथा इंसानियत की सलामती के साथ कोरोना से मुक्ति के लिए प्रार्थना की गई।

उल्लेखनीय है कि कोरोना के चलते पिछले चार महीनों में आज ख्वाजा साहब की पांचवी छठी पर भी अकीदतमंदों का प्रवेश दरगाह शरीफ में बंद रहा और इस मौके कई लोगों ने सड़क पर खड़े रहकर ही दुआ की।