जयपुर के परकोटे का रामगंज इलाका राजधानी में संक्रमण का एपी सेंटर बन चुका है, वह भी एक व्यक्ति की लापरवाही के कारण। शनिवार का जयपुर में 39 नए कोरोना संक्रमितों की पुष्टि हुई, इससे राजस्थान में कोरोना संक्रमितों की संख्या एकदम से बढ़कर 253 पर पहुंच गयी । जयपुर में संक्रमितों की संख्या 92 हो गयी है, जो किस मुंबई, कसारागोड़, इंदौर और पुणे के बाद देश के अन्य शहरों की तुलना में सबसे ज्यादा है। खासबात यह है कि इनमें से ज्यादातर लोग ऐसे हैं जो रामगंज के कोरोना संक्रमण चेन का ही हिस्सा हैं।
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लॉकडाउन से पहले जयपुर परकोटे का रामगंज निवासी 45 वर्षीय व्यक्ति 11 मार्च को ओमान से लौटा था। उस वक्त कोई लक्षण नहीं दिखने पर मेडिकल टीम ने उसे होम क्वेरंटाइन में रहने को कहा था। लेकिन उस व्यक्ति ने मेडिकल टीम की हिदायत को दरकिरार कर खुद को स्वस्थ मानते हुए सभी जगह घूमता रहा। वह मस्जिद में नमाज भी पढ़ने गया, वह दोस्तों से भी मिलता रहा और बाजार में भी घूमता रहा। 24 मार्च को उसे बुखार आया तो एसएमएस अस्पताल में उसकी हिस्ट्री और लक्षण देखकर उसे भर्ती किया गया और उसकी जांच की गयी। जांच में वह कोरोना पॉजिटिव पाया गया।

जब मेडिकल टीम ने उससे उसके करीबी संपर्क में रहे लोगों की सूचि मांगी तो वह 100 से अधिक निकली, यह देखकर चिकित्सा विभाग के भी होश उड़ गए। वे 100 लोग भी इतने समय से सभी से मिल रहे थे। उसी दिन प्रशासन ने रामगंज में कर्फ्यू तो लगा दिया, लेकिन उसे बाद से जयपुर में कोरोना संक्रमितों की संख्या बढ़ती जा रही है। पिछले करीब 10 दिनों से जयपुर परकोटा पूरा सील है।

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चिकित्सा विभाग ने अगले दो-तीन दिनों में ओमान से लौटे इस व्यक्ति के ज्यादा से ज्यादा करीबियों की जांच करवाई तो उनमें से एक-एक कर 25 लोगों से ज्यादा लोग कोरोना संक्रमित मिले, फिर मेडिकल टीम ने इन 25 के करीबियों की सूचि बनाई, तो अब कोरोना संक्रमितों की आंकड़ा बढ़ता जा रहा है। रामगंज के कुछ लोगों को प्रषासन ने जयपुर निम्स में क्वेरंटाइन किया हुआ है, आज जयपुर में जो 39 लोगों के संक्रमण की पुष्टि हुई है, उनमें उनकी संख्या काफी ज्यादा है।
ऐसे में अगर ओमान से आया हुआ वह व्यक्ति होम क्वेरंटाइन का पालन गंभीरता से कर लेता तो शायद जयपुर को संक्रमण के इस खतरे से नहीं गुजरना पड़ रहा होता

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